Sacred Diya पारंपरिक वैदिक पूजा • प्रामाणिक ज्योतिष परामर्श • सम्पूर्ण दोष निवारण • उज्जैन तीर्थ
होम › ज्ञान केंद्र › दैनिक नित्य देव पूजन एवं संध्यावंदन मार्गदर्शन: संपूर्ण शास्त्रीय विधि, महत्व एवं उज्जैन में अनुष्ठान रहस्य
वैदिक पूजा विधि

दैनिक नित्य देव पूजन एवं संध्यावंदन मार्गदर्शन: संपूर्ण शास्त्रीय विधि, महत्व एवं उज्जैन में अनुष्ठान रहस्य

पंडित बलराम व्यास • 02 सितंबर 2026 • 999 पाठक
दैनिक नित्य देव पूजन एवं संध्यावंदन मार्गदर्शन: संपूर्ण शास्त्रीय विधि, महत्व एवं उज्जैन में अनुष्ठान रहस्य
गृह मंदिर में नित्य प्रातः एवं सायं काल शास्त्रसम्मत पंचदेवोपासना, दीपक स्थापन, आरती एवं संध्यावंदन की शास्त्रीय विधि व सेवा। जानिए उज्जैन अवंतिका क्षेत्र में पंडित बलराम व्यास द्वारा शास्त्रोक्त विधि, शुभ मुहूर्त एवं व्यक्तिगत संकल्प का संपूर्ण विधान।

१. अनुष्ठान की पृष्ठभूमि एवं शास्त्रोक्त महत्व

गृहस्थ जीवन में प्रतिदिन नित्य पूजन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, शुचिता और देवताओं की निरंतर कृपा बनी रहती है। शास्त्रों के अनुसार प्रत्येक घर में पंचदेव (गणेश, सूर्य, विष्णु, शिव, दुर्गा) की उपासना आवश्यक है। पंडित जी द्वारा गृह मंदिर की शास्त्रोक्त स्थापना एवं नित्य पूजन की सरल विधि सिखाई जाती है।

२. पूजा का मूल उद्देश्य एवं प्राप्त होने वाले फल

गृह शांति, नित्य दोषों का निवारण, बच्चों में धार्मिक संस्कार एवं दिनभर सात्विक ऊर्जा का संचार।

४. शास्त्रसम्मत पूजन विधि-विधान (क्रमबद्ध चरण)

1. प्रातः काल आचमन, प्राणायाम एवं सूर्य अर्घ्य
2. गृह मंदिर की शुद्धि एवं दीप प्रज्वलन
3. पंचदेवों का गंध, अक्षत, पुष्प व धूप से अर्चन
4. गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र का नित्य जप
5. सात्विक नैवेद्य (फल, मिश्री या दूध) अर्पण
6. दैनिक आरती, शांति पाठ एवं क्षमा प्रार्थना

५. आवश्यक पावन पूजन सामग्री

इस वैदिक अनुष्ठान में १००% शुद्ध एवं प्राकृतिक शास्त्रीय सामग्री का उपयोग किया जाता है: तांबे का लोटा, गाय के घी का दीपक, अगरबत्ती, चंदन, अक्षत, तुलसी पत्र, मौसमी पुष्प, घंटी एवं शंख।।

७. अवंतिका तीर्थ (उज्जैन) में अनुष्ठान का विशेष प्रभाव

महाकाल की पावन नगरी उज्जैन (अवंतिका) अनादि काल से मोक्ष और ग्रह शांति की तपोभूमि रही है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से Ujjain, Madhya Pradesh पर वैदिक पुरोहितों द्वारा यजमान के नाम एवं गोत्र से संपन्न किया जाता है।

८. व्यक्तिगत संकल्प: साक्षात उपस्थिति अथवा लाइव वीडियो दर्शन

देश-विदेश के जो यजमान साक्षात उज्जैन आने में असमर्थ हैं, वे अपने नाम, गोत्र व नक्षत्र अनुसार लाइव ऑनलाइन संकल्प द्वारा भी इस अनुष्ठान को संपन्न करा सकते हैं। पूजनोपरांत अभिमंत्रित रक्षासूत्र, भस्म एवं महाप्रसाद डाक द्वारा यजमान के गृह पते पर प्रेषित किया जाता है।

पंडित बलराम व्यास

पंडित बलराम व्यास

उज्जैन अवंतिका क्षेत्र के प्रतिष्ठित वैदिक पुरोहित। विगत 15+ वर्षों से श्री महाकालेश्वर, मंगलनाथ तीर्थ, सिद्धवट एवं रामघाट पर शास्त्रसम्मत विधि-विधान से कालसर्प दोष, मंगल भात पूजा, पितृ दोष शांति, महामृत्युंजय जप एवं संपूर्ण वैदिक अनुष्ठान संपन्न करा रहे हैं।

अन्य महत्वपूर्ण लेख

छठ महापर्व सूर्य षष्ठी एवं उषा अर्घ्य पूजन: संपूर्ण शास्त्रीय विधि, महत्व एवं उज्जैन में अनुष्ठान रहस्य

कार्तिक शुक्ल षष्ठी पर शिप्रा अथवा पवित्र जलाशय में खड़े होकर अस्ताचलगामी एवं उदयगामी सूर्य को सूप, ठेकुआ...

नवीन ऑफिस, दुकान एवं प्रतिष्ठान उद्घाटन पूजन: संपूर्ण शास्त्रीय विधि, महत्व एवं उज्जैन में अनुष्ठान रहस्य

नवीन दुकान, शोरूम, फैक्ट्री अथवा कॉर्पोरेट ऑफिस के शुभारंभ पर विघ्न निवारण, वास्तु शुद्धि, बहीखाता स्थापन एवं कुबेर...