छठ महापर्व सूर्य षष्ठी एवं उषा अर्घ्य पूजन: संपूर्ण शास्त्रीय विधि, महत्व एवं उज्जैन में अनुष्ठान रहस्य
कार्तिक शुक्ल षष्ठी पर शिप्रा अथवा पवित्र जलाशय में खड़े होकर अस्ताचलगामी एवं उदयगामी सूर्य को सूप, ठेकुआ व मौसमी फलों से...
द्वादश ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर, मंगल ग्रह जन्मस्थली मंगलनाथ एवं मोक्षतीर्थ सिद्धवट पर वेद-वेदांग ज्ञाता विद्वान ब्राह्मणों द्वारा कालसर्प, मंगल भात एवं पितृ दोष निवारण अनुष्ठान। उज्जैन पधारकर अथवा घर बैठे लाइव वीडियो संकल्प द्वारा पूजन संपन्न कराएं।
चाहे आप उज्जैन आकर महाकाल की पावन धरा पर पूजा कराएं अथवा भारत के किसी भी नगर से ऑनलाइन सम्मिलित हों, वैदिक विधि-विधान एवं संकल्प में कोई अंतर नहीं होता।
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, मंगलनाथ एवं सिद्धवट के पावन प्रांगण में स्वयं उपस्थित होकर पूजन संपन्न कराने का अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव।
यदि किसी कारणवश आप उज्जैन नहीं आ सकते (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता आदि), तो शास्त्रसम्मत प्रतिनिधि संकल्प से आपकी पूजा संपन्न होती है।
उज्जैन के पावन तीर्थों पर शुद्ध वैदिक पद्धति एवं प्रामाणिक सामग्री द्वारा संपन्न किए जाने वाले मुख्य विधान
उज्जैन महाकालेश्वर एवं रामघाट पर शास्त्रोक्त नागबलि, वैदिक मंत्र जप एवं चांदी के नाग-नागिन जोड़े के विसर्जन द्वारा...
उज्जैन स्थित मंगलनाथ मंदिर (मंगल ग्रह की जन्मभूमि) पर पके हुए भात (चावल) से शिवलिंग का विशेष अभिषेक...
उज्जैन के अक्षय वट (सिद्धवट) एवं रामघाट तीर्थ पर त्रिपिंडी श्राद्ध, पिंडदान, तर्पण एवं नारायण बलि द्वारा पूर्वजों...
अकाल मृत्यु के भय, असाध्य रोगों एवं गंभीर संकटों से रक्षा हेतु उज्जैन महाकाल की पावन भूमि पर...
उज्जैन महाकाल तीर्थ पर 12 पवित्र द्रव्यों (दूध, दही, घी, शहद, गन्ने का रस, गंगाजल आदि) तथा शुक्ल...
कुंडली के प्रतिकूल ग्रहों के दोषों को शांत कर 9 ग्रहों की विशेष 9 प्रकार की समिधाओं, रत्नों...
शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या, महादशा अथवा वक्री स्थिति के कष्टों के निवारण हेतु सरसों के तेल से तैलाभिषेक,...
आकस्मिक हानि, अज्ञात भय, भ्रम, अनिद्रा एवं सर्प श्राप से मुक्ति हेतु उज्जैन में राहु-केतु का वैदिक शांति...
कुंडली में मंगल और राहु अथवा केतु की युति से बनने वाले उग्र अंगारक दोष की उज्जैन मंगलनाथ...
गुरु और राहु की युति से ज्ञान, विवेक, संतान एवं धर्म में आने वाले अवरोधों की उज्जैन में...
अतृप्त पूर्वजों की प्रेत योनि से मुक्ति, अकाल मृत्यु जनित दोषों तथा वंश में संतान बाधा निवारण हेतु...
नूतन गृह में सकारात्मक ऊर्जा, सुख, समृद्धि एवं वास्तु दोषों के निवारण हेतु शास्त्रोक्त नवग्रह पूजन, वास्तु चक्र...
पवित्र नदी की शुद्ध मृत्तिका (मिट्टी) से 1100 अथवा 108 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण, प्राण-प्रतिष्ठा, षोडशोपचार रुद्राभिषेक एवं...
रुद्राष्टाध्यायी के 121 आवर्तनों (पाठ) द्वारा भगवान शिव के 11 रुद्र रूपों का महाभिषेक एवं दशांश हवनात्मक लघुरुद्र...
सोमवार को पड़ने वाले त्रयोदशी प्रदोष काल में भगवान शिव-पार्वती का विशेष दुग्धाभिषेक, दीपदान एवं प्रदोष स्तोत्र पाठ...
स्कंद पुराणोक्त पांच अध्यायों की पावन कथा, शालिग्राम अभिषेक, पंजीरी-पंचामृत महाप्रसाद एवं हवन द्वारा घर में सुख, शांति...
महाभारत के अनुशासन पर्वोक्त भगवान विष्णु के 1000 पवित्र नामों से 1008 तुलसी दलों द्वारा सहस्त्रार्चन एवं पुरुष...
संतान सुख में आने वाली बाधाओं, गर्भ रक्षा एवं तेजस्वी संतान की प्राप्ति हेतु 1.25 लाख अथवा 21,000...
भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का पंचामृत, सुगंधित इत्र, केसर जल से दिव्य अभिषेक, सुंदर वस्त्र-आभूषण शृंगार एवं...
बुध कौशिक ऋषि प्रणीत राम रक्षा स्तोत्र के 108 संपुटित पाठ, संपूर्ण देहरक्षा कवच निर्माण एवं मारुति हवन...
गोस्वामी तुलसीदास कृत श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड का सस्वर संगीतमय अखंड पाठ, सिंदूर अर्पण, चूरमा भोग एवं मारुति हवन।
पांचों दिशाओं से सुरक्षा, तंत्र-बाधा, भूत-प्रेत एवं असाध्य शत्रु शमन हेतु पांच स्वरूपों (हनुमान, नृसिंह, वराह, गरुड़, हयग्रीव)...
गोस्वामी तुलसीदास कृत संकटमोचन हनुमानाष्टक के 108 पाठ, सिंदूर अर्पण, बूंदी का भोग एवं आक (मदार) के 108...
मार्कंडेय पुराणोक्त 700 श्लोकों के 13 अध्यायों का विशिष्ट सिद्ध संपुट मंत्रों सहित सस्वर पाठ, कन्या पूजन एवं...
दुर्गा सप्तशती के 9 संपूर्ण पाठों द्वारा मां चंडिका का महायज्ञ, 9 कुंडीय अथवा एक कुंडीय बृहद् अग्निहोत्र,...
घोर शत्रु बाधा, षड्यंत्र, अनैतिक मुकदमों एवं व्यापारिक संकट से मुक्ति हेतु उज्जैन में पीली सरसों, हल्दी, पीले...
महाकवि कालिदास की आराध्या मां गढ़कालिका एवं उज्जैन के सेनापति कालभैरव का मदिरा/सुरभि रहित सात्विक दुग्धाभिषेक, अष्टोत्तरशत नामावली...
ऋग्वेदोक्त 16 ऋचाओं के श्री सूक्त पाठ, आदि शंकराचार्य कृत कनकधारा स्तोत्र, 108 कमल पुष्प अर्पण एवं कमलगट्टे...
देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर देव एवं मां लक्ष्मी के आठों स्वरूपों का महायज्ञ, कुबेर कुंजिका पाठ, कमलगट्टा व...
विद्यार्थियों की एकाग्रता, कुशाग्र बुद्धि, परीक्षा में सफलता एवं संगीत/कला सिद्धि हेतु उज्जैन सांदीपनि तीर्थ पर मां सरस्वती...
अथर्ववेदीय गणपति उपनिषद के 1008 आवर्तन पाठ, 1008 मोदक व दूर्वा से महायज्ञ द्वारा समस्त विघ्नों, वास्तु दोषों...
मासिक कृष्ण पक्ष चतुर्थी पर विघ्नहर्ता गणेश जी का 21 दूर्वा अर्पण, संकटनाशन स्तोत्र पाठ, तिल के लड्डू...
कुंडली में नीच, पीड़ित अथवा ग्रहण दोष युक्त सूर्य की शांति हेतु मदार समिधा, लाल चंदन, तांबे का...
मानसिक अशांति, अवसाद, अनिद्रा एवं माता के स्वास्थ्य कष्टों के निवारण हेतु पलाश समिधा, दूध, सफेद चंदन, चांदी...
विवाह में विलंब, ज्ञान-विवेक में बाधा, संतान कष्ट एवं व्यापारिक नुकसान के निवारण हेतु पीपल समिधा, चने की...
दांपत्य जीवन में कलह, प्रेम संबंधों में दरार, आकर्षण की कमी व आर्थिक तंगी की शांति हेतु गूलर...
नवीन भवन, फैक्ट्री या प्लॉट निर्माण के शुभारंभ पर धरती माता से क्षमा-याचना, ईशान कोण में पांच पवित्र...
मांगलिक दोष, वैधव्य दोष, द्वि-विवाह योग अथवा विवाह में अत्यधिक विलंब के निवारण हेतु उज्जैन में कन्या का...
शिशु के दीर्घायु, मेधा व शुद्धि हेतु जन्म नक्षत्र अनुसार शास्त्रीय नामकरण अथवा उज्जैन रामघाट/सिद्धवट पर गर्भ के...
गंभीर शारीरिक व्याधि, भय एवं अकाल बाधा निवारण हेतु महामृत्युंजय मंत्र की 10,000 अथवा सवा लाख आहुतियों का...
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी महाशिवरात्रि की पावन निशा में चारों प्रहर दुग्ध, दधि, घृत, मधु एवं गंगाजल से अखंड...
मनोवांछित जीवनसाथी प्राप्ति एवं दांपत्य सुख हेतु सोलह सोमवार व्रत की पूर्णता पर शास्त्रसम्मत उद्यापन, कथा एवं हवन।
उज्जैन के पावन कालभैरव तीर्थ पर भय, संकट, अज्ञात बाधा, कोर्ट-कचहरी एवं शत्रु शांति हेतु शास्त्रसम्मत सात्विक पूजन...
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की पावन मध्यरात्रि में बाल गोपाल का शंखोदक, पंचामृत स्नान, तुलसी अर्चन, माखन-मिश्री भोग एवं...
पति-पत्नी के बीच प्रेम, आपसी विश्वास, वैवाहिक कलह शांति एवं सुखद गृहस्थ जीवन हेतु श्री राधा-कृष्ण युगल पूजन...
समस्त एकादशियों पर श्री हरि विष्णु का पंचामृत अभिषेक, 1008 तुलसी दलों से सहस्रनाम अर्चन एवं मोक्षप्रद कथा...
चैत्र शुक्ल नवमी को मध्याह्न 12 बजे प्रभु श्री राम का जन्मोत्सव, शंख ध्वनि, पंचामृत अभिषेक, रामायण पाठ...
विवाह में आने वाले अवरोधों को दूर करने तथा दांपत्य जीवन को सीता-राम जैसा आदर्श व अटूट बनाने...
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर श्री गणेश विग्रह की वैदिक प्राण-प्रतिष्ठा, 21 मोदक अर्पण, दूर्वा सहस्रार्चन एवं विघ्न विनाशक...
नवरात्रि के 9 पावन दिनों में घटस्थापना, अखंड ज्योति, दुर्गा सप्तशती के 13 अध्यायों का संपुट पाठ एवं...
घर में सुख, शांति, संतोष एवं मनोकामना पूर्ति हेतु 16 शुक्रवार व्रत की कथा, गुड़-चने का भोग एवं...
कार्तिक अमावस्या को स्थिर लग्न में माता महालक्ष्मी, रिद्धि-सिद्धि सहित गणेश जी, धनदा कुबेर एवं नवीन बहीखाते का...
वैशाख शुक्ल तृतीया (अबूझ मुहूर्त) पर स्वर्ण, रजत एवं श्री यंत्र का कनकधारा स्तोत्र द्वारा अभिषेक व अक्षय...
कुंडली में बुध ग्रह की निर्बलता, वाणी दोष, त्वचा रोग, व्यापारिक घाटे एवं एकाग्रता की कमी को दूर...
उज्जैन के पावन सिद्धवट एवं रामघाट पर विगत 3 पीढ़ियों के ज्ञात-अज्ञात, अकाल मृत्यु व अतृप्त पितरों की...
कार्तिक शुक्ल षष्ठी पर शिप्रा अथवा पवित्र जलाशय में खड़े होकर अस्ताचलगामी एवं उदयगामी सूर्य को सूप, ठेकुआ...
नवीन दुकान, शोरूम, फैक्ट्री अथवा कॉर्पोरेट ऑफिस के शुभारंभ पर विघ्न निवारण, वास्तु शुद्धि, बहीखाता स्थापन एवं कुबेर...
व्यवसाय में बार-बार आ रही मंदी, धन का अटकना एवं ग्राहक अभाव को दूर करने हेतु व्यापार वृद्धि...
नई कार, दोपहिया अथवा व्यावसायिक वाहन के क्रय पर विघ्नहर्ता गणेश जी व हनुमान जी का पूजन, स्वास्तिक...
वर-वधू के सात जन्मों के पावन बंधन हेतु शास्त्रोक्त कन्यादान, पाणिग्रहण, अग्नि साक्षी सप्तपदी फेरे एवं सिंदूरदान संस्कार।
श्रावण मास के प्रत्येक मंगलवार को नवविवाहिताओं एवं सौभाग्यवती स्त्रियों द्वारा अखंड सुहाग व संतान रक्षा हेतु मां...
ज्येष्ठ अमावस्या को वटवृक्ष (बरगद) के तने में कच्चा सूत लपेटकर 108 परिक्रमा, सत्यवान-सावित्री कथा एवं पति के...
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को सुहागिनों द्वारा निर्जला व्रत, करवे से पूजन, वीरावती कथा श्रवण एवं चंद्र दर्शन उपरांत...
शिशु के 6ठे माह में प्रथम बार स्वर्ण शलाका अथवा चांदी की चम्मच से शुद्ध खीर व अन्न...
शिशु की बौद्धिक क्षमता, नेत्र ज्योति एवं स्वास्थ्य रक्षा हेतु शुभ नक्षत्र में वैदिक मंत्रोच्चार पूर्वक शास्त्रसम्मत कर्णवेध...
बालक के द्विजत्व (दूसरे जन्म) हेतु त्रिसूत्रीय पवित्र जनेऊ धारण, शिखा-बंधन, गायत्री मंत्र दीक्षा एवं दण्ड-मेखला अर्पण।
जन्मदिन पर पाश्चात्य मोमबत्ती बुझाने के स्थान पर आयुवृद्धि दीपक प्रज्वलन, आयुष्य सूक्त हवन एवं 8 अमर चिरंजीवियों...
जीवन के 60 वर्ष पूर्ण होकर 61वें वर्ष में प्रवेश पर उग्ररथ शांति, नवग्रह हवन, तीर्थ जल से...
गृह मंदिर में नित्य प्रातः एवं सायं काल शास्त्रसम्मत पंचदेवोपासना, दीपक स्थापन, आरती एवं संध्यावंदन की शास्त्रीय विधि...
उज्जैन के पावन रामघाट पर मोक्षदायिनी शिप्रा का दुग्ध अभिषेक, चुनरी अर्पण, सायं दीपदान एवं तीर्थ स्नान का...
आध्यात्मिक मार्गदर्शन, गुरु दोष निवारण, मानसिक शांति एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्मा-विष्णु-शिवावतार भगवान दत्तात्रेय का पावन पूजन।
शत्रु पराजय, कोर्ट-कचहरी में विजय, भूमि विवाद शांति एवं मंगल ग्रह की प्रबलता हेतु देवसेनापति कार्तिकेय का शास्त्रसम्मत...
वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली में ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति केवल जीवन के अनुभवों को दर्शाती है। उचित पूजा, जप और सात्विक आचरण से इनका प्रभाव शांत होता है।
राहु एवं केतु के मध्य सभी ग्रहों की स्थिति से निर्मित योग। महाकाल की नगरी में शास्त्रसम्मत शांति विधान।
विस्तृत विधान जानें →मंगलनाथ मंदिर उज्जैन में पवित्र पके हुए चावल से भगवान मंगल का अभिषेक। दांपत्य सौहार्द हेतु परंपरागत विधान।
विस्तृत विधान जानें →सिद्धवट तीर्थ पर क्षिप्रा नदी तट पर पिंडदान, नारायण बलि एवं श्राद्ध कर्म द्वारा पूर्वजों की आत्मिक तृप्ति।
विस्तृत विधान जानें →कर्मफलदाता शनिदेव के अनुकूल प्रभाव हेतु त्रिवेणी संगम पर तैलाभिषेक, छायापात्र दान एवं शमी समिधा हवन।
विस्तृत विधान जानें →उज्जैन आगमन अथवा भारत के किसी भी नगर से ऑनलाइन संकल्प द्वारा पूजा संपन्न कराने की सरल व शास्त्रसम्मत विधि।
पंडित जी द्वारा जन्म विवरण के आधार पर कालसर्प, मंगल अथवा पितृ दोष की वास्तविक स्थिति एवं निवारण आवश्यकता का निष्पक्ष विश्लेषण।
पंचांग सम्मत श्रेष्ठ नक्षत्र व तिथि का निर्धारण। अपनी सुविधानुसार उज्जैन आगमन अथवा घर बैठे लाइव संकल्प का चयन करें।
उज्जैन के सिद्ध तीर्थ पर शुद्ध वैदिक सामग्री, रुद्राभिषेक, भात पूजन, तर्पण एवं दशांश हवन के साथ संपूर्ण विधि-विधान संपन्न।
पूजा समाप्ति पर आशीर्वाद, रक्षासूत्र धारण। ऑनलाइन यजमानों के घर तक स्पीड पोस्ट द्वारा अभिमंत्रित महाकाल भस्म, यंत्र व प्रसाद प्रेषित।
उज्जैन अवंतिका क्षेत्र के प्रतिष्ठित वैदिक पुरोहित। विगत 15+ वर्षों से श्री महाकालेश्वर, मंगलनाथ तीर्थ, सिद्धवट एवं रामघाट पर शास्त्रसम्मत विधि-विधान से कालसर्प दोष, मंगल भात पूजा, पितृ दोष शांति, महामृत्युंजय जप एवं संपूर्ण वैदिक अनुष्ठान संपन्न करा रहे हैं।
हमारा दृढ़ विश्वास है कि पूजा और ज्योतिष अंधविश्वास या भय उत्पन्न करने का माध्यम नहीं, अपितु आत्मिक शुद्धि, कर्म सुधार और सकारात्मक जीवन की राह दिखाने वाला सनातन विज्ञान है।
उज्जैन के सिद्ध शक्तिपीठों में साक्षात दर्शन व पूजन अथवा भारत के प्रमुख महानगरों से ऑनलाइन संकल्प एवं 48 घंटे में स्पीड पोस्ट महाप्रसाद प्राप्ति।
🔱 उज्जैन तीर्थ
द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र दक्षिणमुखी स्वयंभू ज्योतिर्लिंग। काल और मृत्यु के अधिपति भगवान महाकाल की पावन स्थली, जहाँ समस्त प्रकार के दोषों का निवारण होता है।
🔱 उज्जैन तीर्थ
स्कंद पुराण के अनुसार मंगल ग्रह का जन्मस्थान। विश्व में मंगल दोष शांति एवं भात पूजा का एकमात्र विश्वविख्यात तीर्थ।
🔱 उज्जैन तीर्थ
प्रयाग के अक्षयवट और गया के विष्णुपद के समान पावन। पितरों की तृप्ति, नारायण नागबलि, त्रिपिंडी श्राद्ध एवं पिंडदान का सिद्ध स्थल।
🔱 उज्जैन तीर्थ
उज्जैन के सेनापति एवं रक्षक देव काल भैरव। तंत्र साधना, अकाल मृत्यु निवारण, शत्रु बाधा शांति एवं मदिरा-तेल अर्पण का अति प्राचीन व सिद्ध तीर्थ।
🔱 उज्जैन तीर्थ
51 शक्तिपीठों में से एक (सती की कोहनी का पावन स्थल)। सम्राट विक्रमादित्य की आराध्य कुलदेवी। नवग्रह शांति, मनोकामना पूर्ति एवं शक्ति अनुष्ठान का केंद्र।
🔱 उज्जैन तीर्थ
सिंहस्थ महाकुंभ का मुख्य पावन घाट। भगवान श्रीराम द्वारा पिता दशरथ का तर्पण स्थल। पितृ दोष शांति, कालसर्प निवारण, दीपदान एवं सांध्य महाआरती का पावन केंद्र।
🌐 अखिल भारतीय
दिल्ली-एनसीआर के यजमानों के लिए विशेष लाइव वीडियो संकल्प पूजा। महाकाल भस्म, रक्षासूत्र व महाप्रसाद 48 से 72 घंटों में स्पीड पोस्ट द्वारा सीधे घर पर सुपुर्द।
🌐 अखिल भारतीय
महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं हेतु कालसर्प एवं मंगल भात पूजा की उज्जैन यात्रा व्यवस्था अथवा घर बैठे प्रत्यक्ष लाइव ई-पूजा व अभिमंत्रित महाप्रसाद कूरियर।
🌐 अखिल भारतीय
दक्षिण भारत में कार्यरत परिवारों हेतु विशेष वीडियो कॉल संकल्प, वैदिक मंत्रोच्चार का सजीव प्रसारण एवं सुरक्षित पैकिंग में महाकाल प्रसाद डिलीवरी।
🌐 अखिल भारतीय
गुजरात से उज्जैन की सुगम ट्रेन/सड़क यात्रा मार्गदर्शन अथवा घर बैठे व्यक्तिगत संकल्प द्वारा मंगल दोष व नवग्रह अनुष्ठान की संपूर्ण सेवा।
🌐 अखिल भारतीय
पूर्वी भारत के यजमानों हेतु उज्जैन में विधिपूर्वक पूजा, पितृ तर्पण एवं नारायण बलि अनुष्ठान का सीधा प्रसारण व स्पीड पोस्ट से अभिमंत्रित प्रसाद।
🌐 अखिल भारतीय
राजस्थान एवं म.प्र. के यजमानों हेतु उज्जैन मंदिर दर्शन, आश्रम प्रवास एवं वैदिक पंडित जी की देखरेख में प्रत्यक्ष व ऑनलाइन पूजन व्यवस्था।
विवाह मिलान, करियर, स्वास्थ्य, व्यापार एवं ग्रह दशाओं का पारंपरिक गणितीय एवं फलित पद्धति से यथार्थ अध्ययन।
देश-विदेश से उज्जैन पधारे यजमानों के वास्तविक विचार
"पंडित बलराम व्यास जी द्वारा उज्जैन में करवाई गई कालसर्प पूजा का अनुभव अत्यंत दिव्य एवं शांतिदायक रहा। उन्होंने किसी भी प्रकार का भय नहीं दिखाया और पूर्ण शास्त्रीय विधि से प्रत्येक संकल्प का अर्थ समझाते हुए पूजा संपन्न कराई।"
"मंगलनाथ मंदिर में भात पूजा के लिए हमने आचार्य जी से संपर्क किया था। व्यवस्था, समय पालन और पूजा का विधि-विधान प्रशंसनीय था। पूरे परिवार को गहरी आत्मिक शांति की अनुभूति हुई।"
"आचार्य जी का दृष्टिकोण बहुत ही तर्कसंगत और शास्त्रसम्मत है। उन्होंने भविष्य को लेकर कोई झूठे दावे नहीं किए, बल्कि पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों के आधार पर जीवन में सही निर्णय लेने का मार्गदर्शन दिया।"
"सिद्धवट तीर्थ पर पितृ तर्पण एवं पिंडदान का विधान बहुत ही श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। आचार्य जी और उनके सहयोगी विद्वान ब्राह्मणों का व्यवहार अत्यंत आत्मीय और मर्यादित था।"
"महाकाल की पावन नगरी में आचार्य जी द्वारा कराया गया महामृत्युंजय जप अनुष्ठan अत्यंत फलदायी एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। शास्त्रीय नियमों का पूर्ण पालन किया गया।"
"पंडित बलराम व्यास जी का वैदिक ज्ञान और शांत स्वभाव मन को अत्यधिक आश्वस्त करता है। नवग्रह हवन अत्यंत विधिपूर्वक और समय पर संपन्न हुआ।"
उज्जैन आगमन, मंदिर दर्शन, मुहूर्त, ऑनलाइन लाइव संकल्प एवं प्रसाद वितरण से संबंधित प्रमुख प्रश्न व शास्त्रसम्मत उत्तर।
कार्तिक शुक्ल षष्ठी पर शिप्रा अथवा पवित्र जलाशय में खड़े होकर अस्ताचलगामी एवं उदयगामी सूर्य को सूप, ठेकुआ व मौसमी फलों से...
नवीन दुकान, शोरूम, फैक्ट्री अथवा कॉर्पोरेट ऑफिस के शुभारंभ पर विघ्न निवारण, वास्तु शुद्धि, बहीखाता स्थापन एवं कुबेर कृपा हेतु शास्त्रसम्मत अनुष्ठान।...