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दोष विचार एवं समाधान

बुध ग्रह शांति एवं व्यापार/बुद्धि वृद्धि पूजन: संपूर्ण शास्त्रीय विधि, महत्व एवं उज्जैन में अनुष्ठान रहस्य

पंडित बलराम व्यास • 14 जून 2026 • 443 पाठक
बुध ग्रह शांति एवं व्यापार/बुद्धि वृद्धि पूजन: संपूर्ण शास्त्रीय विधि, महत्व एवं उज्जैन में अनुष्ठान रहस्य
कुंडली में बुध ग्रह की निर्बलता, वाणी दोष, त्वचा रोग, व्यापारिक घाटे एवं एकाग्रता की कमी को दूर करने हेतु 9,000 जप व अपामार्ग हवन। जानिए उज्जैन अवंतिका क्षेत्र में पंडित बलराम व्यास द्वारा शास्त्रोक्त विधि, शुभ मुहूर्त एवं व्यक्तिगत संकल्प का संपूर्ण विधान।

१. अनुष्ठान की पृष्ठभूमि एवं शास्त्रोक्त महत्व

नवग्रहों में बुध को राजकुमार, बुद्धि, वाणी और व्यापार का कारक ग्रह माना गया है। यदि जन्मपत्रिका में बुध नीच राशि (मीन), वक्री अथवा पापी ग्रहों से दृष्ट हो तो वाणी में संकोच, व्यापार में अनिश्चितता और पढ़ाई में ध्यान भटकता है। अपामार्ग (चिरचिटा) की समिधा, मूंग दाल और कांसे के पात्र से बुध शांति की जाती है।

२. पूजा का मूल उद्देश्य एवं प्राप्त होने वाले फल

व्यापार में लाभ, प्रखर बुद्धि, वाकपटुता, शिक्षा में सफलता एवं स्नायु तंत्र की मजबूती।

४. शास्त्रसम्मत पूजन विधि-विधान (क्रमबद्ध चरण)

1. गणपति व नवग्रह मंडल पूजन
2. बुध ग्रह का हरी दूर्वा व मूंग दाल से स्थापन
3. 'ॐ बुं बुधाय नमः' वैदिक मंत्र का 9,000 जप
4. अपामार्ग समिधा, देशी घृत व हरी मूंग से हवन
5. कांसे के पात्र में हरी मूंग व हरे वस्त्र का दान
6. आरती, आशीर्वाद एवं बुध रक्षा कवच

५. आवश्यक पावन पूजन सामग्री

इस वैदिक अनुष्ठान में १००% शुद्ध एवं प्राकृतिक शास्त्रीय सामग्री का उपयोग किया जाता है: हरी साबुत मूंग, कांसे की कटोरी, हरा वस्त्र, अपामार्ग समिधा, दूर्वा, पन्ना/उपरत्न, शुद्ध घृत, हरी चूड़ियां एवं दक्षिणा।।

७. अवंतिका तीर्थ (उज्जैन) में अनुष्ठान का विशेष प्रभाव

महाकाल की पावन नगरी उज्जैन (अवंतिका) अनादि काल से मोक्ष और ग्रह शांति की तपोभूमि रही है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से Ujjain, Madhya Pradesh पर वैदिक पुरोहितों द्वारा यजमान के नाम एवं गोत्र से संपन्न किया जाता है।

८. व्यक्तिगत संकल्प: साक्षात उपस्थिति अथवा लाइव वीडियो दर्शन

देश-विदेश के जो यजमान साक्षात उज्जैन आने में असमर्थ हैं, वे अपने नाम, गोत्र व नक्षत्र अनुसार लाइव ऑनलाइन संकल्प द्वारा भी इस अनुष्ठान को संपन्न करा सकते हैं। पूजनोपरांत अभिमंत्रित रक्षासूत्र, भस्म एवं महाप्रसाद डाक द्वारा यजमान के गृह पते पर प्रेषित किया जाता है।

पंडित बलराम व्यास

पंडित बलराम व्यास

उज्जैन अवंतिका क्षेत्र के प्रतिष्ठित वैदिक पुरोहित। विगत 15+ वर्षों से श्री महाकालेश्वर, मंगलनाथ तीर्थ, सिद्धवट एवं रामघाट पर शास्त्रसम्मत विधि-विधान से कालसर्प दोष, मंगल भात पूजा, पितृ दोष शांति, महामृत्युंजय जप एवं संपूर्ण वैदिक अनुष्ठान संपन्न करा रहे हैं।

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