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मां संतोषी व्रत एवं शुक्रवार मनोकामना पूर्ति पूजन: संपूर्ण शास्त्रीय विधि, महत्व एवं उज्जैन में अनुष्ठान रहस्य

पंडित बलराम व्यास • 20 जून 2026 • 330 पाठक
मां संतोषी व्रत एवं शुक्रवार मनोकामना पूर्ति पूजन: संपूर्ण शास्त्रीय विधि, महत्व एवं उज्जैन में अनुष्ठान रहस्य
घर में सुख, शांति, संतोष एवं मनोकामना पूर्ति हेतु 16 शुक्रवार व्रत की कथा, गुड़-चने का भोग एवं शास्त्रसम्मत उद्यापन। जानिए उज्जैन अवंतिका क्षेत्र में पंडित बलराम व्यास द्वारा शास्त्रोक्त विधि, शुभ मुहूर्त एवं व्यक्तिगत संकल्प का संपूर्ण विधान।

१. अनुष्ठान की पृष्ठभूमि एवं शास्त्रोक्त महत्व

मां संतोषी को भगवान गणेश की पुत्री माना जाता है जो भक्तों के जीवन में संतोष, धैर्य और आनंद का संचार करती हैं। 16 शुक्रवार तक नियमित व्रत रखकर कथा सुनी जाती है। इस व्रत में किसी भी प्रकार की खटाई का सेवन और स्पर्श वर्जित होता है। व्रत पूर्ण होने पर विधिपूर्वक उद्यापन किया जाता है।

२. पूजा का मूल उद्देश्य एवं प्राप्त होने वाले फल

पारिवारिक सुख, तनाव से मुक्ति, मानसिक संतोष एवं मनोवांछित अभिलाषा की सिद्धि।

४. शास्त्रसम्मत पूजन विधि-विधान (क्रमबद्ध चरण)

1. गणपति व मां संतोषी आवाहन
2. जल भरे पात्र पर गुड़-चना स्थापन
3. मां संतोषी की पावन व्रत कथा श्रवण
4. 16 शुक्रवार पूर्ण होने पर उद्यापन हवन
5. 8 बालकों को सात्विक मिष्ठान भोजन
6. मां संतोषी की आरती व चना-गुड़ महाप्रसाद

५. आवश्यक पावन पूजन सामग्री

इस वैदिक अनुष्ठान में १००% शुद्ध एवं प्राकृतिक शास्त्रीय सामग्री का उपयोग किया जाता है: गुड़, भुने हुए चने, पीले पुष्प, रोली, अक्षत, घी का दीपक, जल का लोटा, केला, सुहाग सामग्री एवं दक्षिणा। (खटाई सर्वथा वर्जित)।

७. अवंतिका तीर्थ (उज्जैन) में अनुष्ठान का विशेष प्रभाव

महाकाल की पावन नगरी उज्जैन (अवंतिका) अनादि काल से मोक्ष और ग्रह शांति की तपोभूमि रही है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से Ujjain, Madhya Pradesh पर वैदिक पुरोहितों द्वारा यजमान के नाम एवं गोत्र से संपन्न किया जाता है।

८. व्यक्तिगत संकल्प: साक्षात उपस्थिति अथवा लाइव वीडियो दर्शन

देश-विदेश के जो यजमान साक्षात उज्जैन आने में असमर्थ हैं, वे अपने नाम, गोत्र व नक्षत्र अनुसार लाइव ऑनलाइन संकल्प द्वारा भी इस अनुष्ठान को संपन्न करा सकते हैं। पूजनोपरांत अभिमंत्रित रक्षासूत्र, भस्म एवं महाप्रसाद डाक द्वारा यजमान के गृह पते पर प्रेषित किया जाता है।

पंडित बलराम व्यास

पंडित बलराम व्यास

उज्जैन अवंतिका क्षेत्र के प्रतिष्ठित वैदिक पुरोहित। विगत 15+ वर्षों से श्री महाकालेश्वर, मंगलनाथ तीर्थ, सिद्धवट एवं रामघाट पर शास्त्रसम्मत विधि-विधान से कालसर्प दोष, मंगल भात पूजा, पितृ दोष शांति, महामृत्युंजय जप एवं संपूर्ण वैदिक अनुष्ठान संपन्न करा रहे हैं।

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